अमित दीक्षित, आगरा। उम्र 13 साल, मगर दिमाग की सोच तूफान की रफ्तार सी। तूफान से बिजली बनाने जैसे कई प्रोजेक्ट उसके दिमाग में तैयार हो चुके हैं। जब इन्हें पूरा करने के लिए मदद की जरूरत प़़डी तो सीधे पीएम अंकल से मदद मांगी।
पत्र में लिखा, 'पीएम अंकल मैं तूफान से बिजली बनाता हूं। मेरे प्रोजेक्ट देश की सुरक्षा को मजबूत कर सकते हैं, विकास की रफ्तार को ब़़ढा सकते हैं। मुझे मदद की जरूरत है।'
ताजनगरी के इस बाल वैज्ञानिक का हाथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने थामा है। इस संबंध में पीएमओ से डीएम को पत्र भी भेजा गया है। यह बाल वैज्ञानिक है सेंट जॉर्जेज कॉलेज में सातवीं कक्षा का छात्र वैभव त्रिपाठी।
माईथान में रहने वाले नौकरीपेशा एपी त्रिपाठी और शिक्षिका अनुरागिनी के बेटे वैभव के दिमाग में प्रोजेक्ट बनाने की धुन सवार है। विज्ञान प्रदर्शनी में विज्ञान के चमत्कारों पर प्रोजेक्ट तैयार कर वैभव लोगों का ध्यान खींच चुका है। उसके माता-पिता बताते हैं कि गर्मी की छुट्टियों में दूसरे बच्चे सैर सपाटे पर गए थे, तब वह विज्ञान की नई खोज पर कार्य कर रहा था।
उसने 15 प्रोजेक्ट की रूपरेखा तैयार की। इन प्रोजेक्ट को क्यूरियस इन्वेंशन का नाम दिया। वैभव बताता है कि फिल्मों और रुटीन में होने वाली घटनाओं पर मंथन के बाद प्रोजेक्ट का आइडिया दिमाग में आया। हरीकेन (ब़़डे तूफान) से जहां एक तरफ तबाही मचती है, वहीं दूसरी तरफ इसके जरिए बिजली बनाई जा सकती है।
इसी तरह के कई और प्रोजेक्ट उसने तैयार किए हैं। छोटे मॉडल भी बनाए हैं, जिनमें खासा पैसा खर्च हुआ है। अब इसे ब़़डा रूप देने की ख्वाहिश में पीएम अंकल को पत्र भेजा था। प्रधानमंत्री कार्यालय के उप सचिव बृजेश पांडेय ने डीएम पंकज कुमार को नन्हें वैज्ञानिक की मदद के लिए लिखा है।
साथ ही वैभव के प्रोजेक्ट की थीम को चेक करने को कहा है। ये हैं वैभव के प्रमुख प्रोजेक्ट
एंटी हरीकेन मशीन :
यह ऐसी मशीन है, जिससे तूफान से बिजली पैदा की जा सकती है।
फाइटर चश्मा :
मार्शल आर्ट की ट्रेनिंग इस चश्मे की मदद से पूरी हो सकेगी। चश्मे में लगा सेंसर सामने वाले खिला़डी के दांव को सेकेंड से पहले समझ लेगा और फिर दाहिने लेंस में भेज देगा। चश्मा पहनने वाला सामने वाले के एक्शन को समझकर अपने बचाव में एक्शन लेगा।
बुलेट प्रूफ शील्ड
यह एक तरीके की ढाल होगी, जिसे टाइटेनियम सहित कई अन्य धातुओं से बनाया जाएगा। दुश्मन द्वारा जो भी गोली चलाई जाएगी वह इसे भेद नहीं सकेगी और गोली की दिशा को बदला जा सकेगा।
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